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मंज़िल नज़र भर है, राही सफ़र पर है।

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मायानगरी

Posted on February 4, 2016 by RAHUL RAHI

लाइट्स केमेरा एण्ड एक्शन,
मायानगरी के है कनेक्शन,
एक है नायक, एक नायिका,
एक पटकथा, गायक – गायिका,
एक संचालक उन्हें चलाए,
दिन दिन में भी रात दिखाए,
इन सबका जो खेल खिलाबा,
हमें दिखाए पागल डब्बा ।
अजब ये जग की ग़ज़ब कहानी,
बहता पैसा पानी पानी,
ख़ून पसीना एक कराए,
फीके जग में रंग भराए,
फिर भी लगे बड़ा ही मोहक,
चेहरे पर है मला जो मेकअप,
हर किरदार है बड़ा निराला,
जान निकाला फँस गया साला ।
ठाट बाट है राजा जैसा,
भाड़े का हर वेशा – भूषा,
चाल चलन में कैसी रंगत,
अंदर से है सीरत चंपत,
कलाकार का भाग्य ये कैसा,
हर मन चलता क्या बस पैसा,
अगड़म – बागड़म यही है डगरी,
फिर भी भाती मयानगरी ।
मायानगरी ये संसारा,
राही लिखता युगों की धारा ।

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