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A moment of Hope – उम्मीद से भरा एक पल – Hindi Poem

Posted on September 21, 2015 by RAHUL RAHI
Hindi Poem

उम्मीद से भरा एक पल हूँ,
तुम्हें जीना चाहता हूँ,
दरवाज़े तुम्हारे मन के,
बंद रहते हैं हर सुबह ।
हर दोपहर भी राह तुम्हारी,
देखी है, पेड़ों के तले,
एक रोटी आराम की,
संतोष भरा जल का लोटा,
मैं लेकर के बैठा हूँ,
ना जाने तू कब आएगा ।
लो साँझ फिर से आ गई,
फिर भी फिरता है तू जग में,
जब तक रोशन है आसमान,
तू लौट आ, तू लौट आ,
भटक ना जाए तू रास्ता,
मेरे यार मुझे तेरी चिंता ।
फिर रात अन्धेरे का आँगन,
बस मैं ही हूँ तू लापता,
हर रोज़ का यही है चक्कर,
कब खुलेगा मन का दरवाज़ा ।

उम्मीद से भरा एक पल हूँ,
तुम्हें जीना चाहता हूँ,
दरवाज़े तुम्हारे मन के,
बंद रहते हैं हर सुबह ।

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