kya hai kitabe – क्या हैं किताबें – hindi poetry – rahulrahi.in बेज़ुबाँ किताबों का, दायरा कुछ और है,रास्ता कुछ और है,फ़लसफ़ा कुछ और है। बोलती हैं कुछ नहीं,मौन में विलीन सी,शब्द हैं भरे पड़े,फिर भी शब्दहीन सी,साथ लेके चलती हैं,ज्ञान का प्रवाह सतत,योगीयों की वाणी सा,लाभ है सदा प्रकट,हैं जहाँ वहाँ हैं ख़ुश,कोई भी…
Category: हिंदी कविता
एक और क़दम – हिंदी कविता | ONE MORE STEP – HINDI POETRY
एक और कदम – हिंदी कविता एक और कदम बढ़ा है आज, ईस बेगानी सी दुनिया में, सिर्फ साथ है मेरे लफ्जों का, और एक हाथ है उसका, जो हाथ है हर एक के साथ,वो हाथ बड़ा निराला है,एक जादू फेरने वाला है,वो गुरु सा कोई शिष्य है,पर रहता सदा अदृश्य है,कोई छड़ी है शायद…