A gazal dedicated to all writers. मेरे जज़्बात – mere jazbat – ग़ज़ल जज़्बातों से जब भी मेरा दिल भर भर आता है,चलती है कलम बस मुझसे रहा नहीं जाता है। क्या क्या गुज़री है जब भी, चुप चाप रह जाता हूँ,पूछते हो तुम मुझ से, तू लिख कैसे पाता है। मुझे नहीं है इल्म…
Category: gazal
Ek zamane ke baad – एक ज़माने के बाद – Gazal – rahulrahi
ek zamane ke baad – hindipoem – rahulrahi.in किस्सों की जब तह खुली, तेरे ज़िक्र के बाद, इत्र सा महका लम्हा, एक ज़माने के बाद । होश खोया सच को पाया, सब गया सा हुआ, फ़िक्र गायब मन आज़ाद, मेरे जाने के बाद । घूमते फिरे पर्वत पर्वत, मिला ना कोई निशाँ, आसमाँ गिरा पैरों…
Ae Khwab – ऐ ख़्वाब – hindi poem – gazal – rahulrahi
शब ए फ़ुर्सत में तू आना, ऐ ख़्वाब, दिन में तेरा नहीं काम, ज़माना नहीं। हो ना जाएँ कहीं रंग ये, तेरे खराब, रात के सिवा, तेरा कोई, ठिकाना नहीं। तेरा फन, तेरा हुनर, लाजवाब, पर किसी को, ये अज़ाब, बताना नहीं। कोई खेलेगा तुझसे, कोई झेलेगा तुझको, कर तू बात, यहाँ दिल, लगाना नहीं। कहूँ दिल से…
ग़म में बैठा – ग़ज़ल
saza dene wala bhi hai gam me baitha, mera katl karke wo hai nam me baitha, meri kabr ho jese uska gharonda, main ho jau zinda bharam me hai baitha Meri ruh padhti hai uska hi kalmaa Meri nazme gaate sharm me hai baitha The us aasmaa pe bane apne rishte, Mujhe kho ke wo…