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मंज़िल नज़र भर है, राही सफ़र पर है।

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Category: hindi poems

Zara Dekh – ज़रा देख GAZHAL

Posted on June 1, 2016 by RAHUL RAHI

मिट्टी में ख़ुशबू अनेक, झाँक ज़रा और भीतर देख, माना धरती है एक माँ, फिर भी टुकड़े किए हैं देख, मार काट की जंग अनेक, लाल रंग की होली देख, चार रोज़ के राही सब, फिर भी तेरा मेरा देख, राम कटोरा दे लौटा, कब तक पकड़ा रखेगा देख, रूह सायनी रुके ना रानी, एक…

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चार दिन

Posted on May 22, 2016 by RAHUL RAHI

चार दिन के चार हैं मौसम, बरखा और बेज़ार के मौसम, दौड़े ख़ुशियों की ख़ातिर और, हाथ है आया सबके ग़म । कोई कुछ तो ग़लत चला, फूल की जगह शूल खिला, जिया जो बरसों खटखट करते, जाते वक़्त क्या उसे मिला । राजा तन मन रानी एक, सबकी वही कहानी एक, राजा जो रानी…

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Jeevan ki local / जीवन की लोकल

Posted on March 27, 2016 by RAHUL RAHI

दो पटरियों पे वो दौड़ें है, ले जाती है वो राही को, अनजाने हमराही को, बेगाने से सिपाही को, जो, जूझता है, लड़ता रहता है, मन के लाखों स्टेशन पर, आती जाती भावों की ट्रेन, कोई धीमी और कोई तेज़, वो उसे दिशाएँ देती हैं, और उसे बहा ले जाती हैं, बिन पूछे बिना कहे…

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स्वर्ग में कहर

Posted on February 16, 2016 by RAHUL RAHI

ताना शाह जिंदा है, गले हमारे फंदा है, जो आवाज़ उठाए तो, ऐसा बंदा गन्दा है ? अपने देश का खाता है, मुर्दाबाद चिल्लाता है, अफज़ल – खटमल चूसे खून, भाई ये कैसा नाता है ? रोष न ये कल – परसों का, जँचा न तड़का सरसों का, कुरेदे ज़ख्म वो माँगे है, कश्मीर का…

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Flow Of Time – वक़्त की हवा _ Hindi Poem

Posted on February 11, 2016 by RAHUL RAHI

जब कोई ना दे साथ, बस हो निराशा हाथ, दुःखों को चढ़े पार, तू डरना ना यारा । मुश्किल के ये बादल, तो, आएँगे – जाएँगे, हर क़दम पे खाए मार, लेकिन, हिम्मत तू ना हार । मन उलटा ही भागे, और रातें भी जागे, जो रवि का सोना है, वो तुझे जगाना है ।…

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मायानगरी

Posted on February 4, 2016 by RAHUL RAHI

लाइट्स केमेरा एण्ड एक्शन, मायानगरी के है कनेक्शन, एक है नायक, एक नायिका, एक पटकथा, गायक – गायिका, एक संचालक उन्हें चलाए, दिन दिन में भी रात दिखाए, इन सबका जो खेल खिलाबा, हमें दिखाए पागल डब्बा । अजब ये जग की ग़ज़ब कहानी, बहता पैसा पानी पानी, ख़ून पसीना एक कराए, फीके जग में…

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Tana Bana – ताना बाना – Hindi Poems

Posted on February 2, 2016 by RAHUL RAHI

बुनने लगा फिर वो ताना – बाना, यादों को अपने फिर से सजाना, कहता है पागल सारा ज़माना, अपनी ही धुन में वो है दिवाना | फिक्रों के ऊपर ज़िक्र है जिसका, उसको ही अपने दिल में बिठाना, वो ही एक सच्चा – सादा तराना, फिर भी हर एक से है अनजाना | हर कोई…

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A Fable – क़िस्सा – Hindi Poem

Posted on December 26, 2015 by RAHUL RAHI

हम सब हिस्से, क़िस्से के, उन क़िस्सों की कहानी एक, हर दिन का हर एक पन्ना, कुछ ख़ुशियों का, कुछ ग़म का । कोई ना जाने जीवन की, राह कहाँ ले जानी है, पकड़ ना पाया कोई मन, जीवन बहता पानी है । फिर भी सब सारे जीते, भूत – भविष्य की छत नीचे, भटक…

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A moment of Hope – उम्मीद से भरा एक पल – Hindi Poem

Posted on September 21, 2015 by RAHUL RAHI

उम्मीद से भरा एक पल हूँ, तुम्हें जीना चाहता हूँ, दरवाज़े तुम्हारे मन के, बंद रहते हैं हर सुबह । हर दोपहर भी राह तुम्हारी, देखी है, पेड़ों के तले, एक रोटी आराम की, संतोष भरा जल का लोटा, मैं लेकर के बैठा हूँ, ना जाने तू कब आएगा । लो साँझ फिर से आ…

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Is that flower too – क्या वो फूल भी… – Hindi Poem

Posted on September 6, 2015 by RAHUL RAHI

Is that flower too – क्या वो फूल भी… – Hindi Poem एक रात, उस फूल की ओर देखकर, एक ख़याल दौड़ा आया, क्या तुम भी आँखें मूंदकर, सो जाते हो रात में, या फिर बदलते हो करवट, ख्वाबों की बारात में । क्या तुम प्रेम में पड़ते हो, उस भँवरे के जो आता है,…

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