Muffin Cake – Hindi Short Story (दृश्य : वृद्धाआश्रम) एक ४०-४५ साल का व्यक्ति इरला वृद्धाश्रम में मफ़िन (केक) बाँट रहा है। इस व्यक्ति को देखकर सभी बूढ़ी औरतों की आँखों में एक हल्की सी चमक आ गई है। वह एक एक कर सभी के पलंग के पास जा रहा है। एक के…
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The broken Umbrella – फटा हुआ छाता – Hindi Story
Broken umbrella – fata hua chhata – hindi story – rahulrahi.in भीम सिंह कभी इतनी तेज़ी से अपने घर की तरफ नहीं चला था। तेज़ बरसात हो रही थी, हाथ में छाता तो था लेकिन लग ऐसा रहा था कि वो मुट्ठी में बंद किसी का मसला हुआ गला था। उसकी कद काठी भी सामान्य…
Dry Grapes – सूखे अंगूर – Hindi Story – rahulrahi
Sookhe Angoor – सूखे अंगूर – Hindi Story “किश्मिश ले लो, ताकत से भरपूर, स्वाद में पूर, किश्मिश ले लो।”, अप्रैल का महिना था | धूप बे-इन्तहा थी लेकिन फिर भी उसके गले की धार ज़रा भी कम ना हुई | पसीने से तर उसका शरीर चिलचिलाती धूप में चमक रहा था | एक पीली…
Seedhi Nazar – सीधी नज़र – hindi stories – rahulrahi
सीधी नज़र Seedhi Nazar – Hindi Stories – rahulrahi.in वैसे तो उसका नाम भोला था लेकिन, सच कहूँ तो सिर्फ नाम ही भोला था। वो था एक नंबर का शैतान। किसी भी टीचर से पूछ लो तो वह कहता कि कक्षा ८ अ में जाना यानि की यमराज की हवेली में घुसने जैसा था। नए शिक्षक…
Hands of Taj – ताज के हाथ – Hindi story – rahulrahi
ताज के हाथ Taj ke hath – Hindi story – rahulrahi.in “गरजती हुई आवाज़ में शाहजहाँ ने कहा – दौलत से तरबतर कर दिया जाए उनको और उनकी सात पुश्तों को जिन्होंने जन्नत के इस नूर को धरती पर उतारा” | दोनों के सामने जैसे बीता कल, वो इतिहास के पन्ने फिर खुल गए हो | उस्मान ने कहना जारी रखा,…
Dolor of Tomb – मकबरे का रंज – Hindi Short Story – rahulrahi
Maqabare ka Ranj – hindi stories – rahulrahi.in “हेल्लो, गुड मॉर्निंग”, फोन की घंटी बजी और फोन था मानव का। रौशनी ने जम्हाई लेते हुए कहा, “गुड मॉर्निंग”, “जागो मोहन प्यारे, चलना नहीं है क्या आज।”, अभी भी कुछ नींद में बड़बड़ाती हुई वो बोली,चलना “चलना है ना, अभी तो बस ११ बजे हैं।”, “…
Between two heartbeats – दो धड़कनों के बीच – hindi short story – rahulrahi
Do dhadkanon ke beech – rahulrahi.in कोई नहीं जान पाया, ना मानव खुद और ना ही रौशनी, लेकिन कुछ तो हुआ था, जो अनकहा सा रह गया, लगभग मृत सा रह गया था वो, जब उसकी साँस ठहरी दो धड़कन के बीच। लोधी गार्डन से निकलकर मानव कालकाजी मंदिर मेट्रो स्टेशन की ओर चल पड़ा।…
Ye Ghar Kiska Hai – ये घर किसका है ?
‘किसना…. अरे ओ.. किसना….,’ आजी (दादी) सुबह – सुबह किसना को आवाज़ दे रही थी, जो घर के पासवाले बाग़ में तितलियों के पीछे चक्कर काट रहा था | दादी की मद्धम सी आवाज़ सुन किसना ने जवाब दिया, ‘आया दादी, बस पकड़ ही लूँगा आज इसे |’ मन ही मन वह बुदबुदाया, ‘आज तू…
SOOKHE ANGOOR (DRY GRAPES) / सूखे अंगूर
“ किश्मिश ले लो, ताकत से भरपूर, स्वाद में पूर, किश्मिश ले लो |”, अप्रैल का महिना था | धूप बे-इन्तहा थी लेकिन फिर भी उसके गले की धार ज़रा भी कम ना हुई | पसीने से तर उसका शरीर चिलचिलाती धूप में चमक रहा था | एक पीली मैली बनियान और खाकी हाफ चड्डी…