Broken umbrella – fata hua chhata – hindi story – rahulrahi.in भीम सिंह कभी इतनी तेज़ी से अपने घर की तरफ नहीं चला था। तेज़ बरसात हो रही थी, हाथ में छाता तो था लेकिन लग ऐसा रहा था कि वो मुट्ठी में बंद किसी का मसला हुआ गला था। उसकी कद काठी भी सामान्य…
मंज़िल नज़र भर है, राही सफ़र पर है।
Broken umbrella – fata hua chhata – hindi story – rahulrahi.in भीम सिंह कभी इतनी तेज़ी से अपने घर की तरफ नहीं चला था। तेज़ बरसात हो रही थी, हाथ में छाता तो था लेकिन लग ऐसा रहा था कि वो मुट्ठी में बंद किसी का मसला हुआ गला था। उसकी कद काठी भी सामान्य…