Saare Jahan Se Accha – Song of Republic It took a lot of time to make this video, to gather, to record, to sync and to edit on time. It was a new experience with lots of learning, Dos and Don’t s.
Gorakhgadh Trek – An Amazing experience – Documentary
AN AMAZING TREKKING EXPERIENCE A short video showing moments while trekking to a place called GORAKHGADH (near mumbai at Kalyan)
I love my mom – 1 minute movie – Short Film
I LOVE MY MOM A short one minute movie made within hours to share a creative, emotional, full of love message.
Dassehra Celebration with Indian Railway – राम से मिले राम (hindi Article)
राम से मिले राम रावण जला… हाँ रावण जला, लेकिन मरा नहीं । फिर राख से उत्पन्न होगा, जन्म लेगा । साल दर साल और काला होगा, और अधिक अन्धकार के साथ आएगा लेकिन मरेगा नहीं । क्योंकि वह रावण नहीं, अहंकार है और अंहकार आँग से नहीं प्रेम से जाएगा । किसी शस्त्र से…
लाल खून तेरा शुक्रिया – World Post Day – जागतिक डाक दिन – Hindi Article
जागतिक डाक दिन – WORLD POST DAY सोचिए अगर रगों में खून बहना धीरे – धीरे थम जाए या पूरी तरह से बंद हो जाए तो क्या होगा ? आप इतना सोचने से पहले परलोक सिधार गए होंगे | कहने – सुनने को कुछ बचेगा ही नहीं | आज टेक्नोलॉजी के युग में हमारे…
Salute to Soldier – सैनिक को सलाम – Hindi Poem
चैन से हम सोते हैं हम, अपने घरों में,क्योंकि जागते रहते हैं वो, बंकरों में, चौकन्ने रहते हैं वो, जैसे कोई ध्यानी,अपने विचारों के प्रति, सजग हर घड़ी, बिन जाने पहचाने ही वो, सच्चे धर्मी हैं,जब से पहनी खा कसम, हिम्मत की वर्दी है, देश का हर एक शख्स उनका, अपना परिवार है,यही सोच…
Amar Jawan Jyoti – अमर जवान ज्योति – hindi poem
अमर जवान ज्योति तप रहा है भूमि का, सीना लहू की बूँद से, डर भी डर से काँपता, रहता है आँखें मूँद के । रोष है, आक्रोश है वो, होश में तैयार है, और वरूण से तेज़ उसका, दुश्मनों पे वार है । थर्र थर्रात है हिमालय, जिसके पग की चाप से, हिम पिघलता…
The song – गीत
क़िस्सा यही है गीत का, मेरी हार से जीत का, मुश्किल से उबरकर भी, मुश्किलें संजोने का, खुले दिल से पा लेना, बंद हाथ का खो देना, किसी का होकर भी ना होना, किसी में सब बिसर जाना, किसी के आँख के काँटे का, किसी के मन के मीत का, क़िस्सा यही है गीत का…
The Window – खिड़कियाँ
एक दीवार के सीने में, धड़कती सी खिड़कियाँ, साँसें देती जीवन को, ज़िंदगी सी खिड़कियाँ । देखने का मौक़ा देती, ठहरे हुए नज़ारों को, नज़रों को उड़ान देती, ख़ुद में बंद खिड़कियाँ । और हवा के झोंको संग, लय बद्ध हो जाती है, चूमती किनारों को, टक – टक करती खिड़कियाँ । दरवाज़े की…
Childhood – बचपन
ज़िंदगी उधार है, बचपन के हाथों में, बारिश के पानी की, नाँव की यादों में । गीले गलियारे में, चौक चौवारे में, सौंधी सी ख़ुशबू, मिट्टी के गारे में । सड़कों पर क्रिकेट के, चौकों और छक्कों में, कल फिर से मिलने के, यारों के वादों में । तूफ़ाँ में उलटी हो जाती वो…