Skip to content

rahulrahi.in

मंज़िल नज़र भर है, राही सफ़र पर है।

Menu
  • Home
  • hindi poems
  • hindi articles
  • hindi stories
Menu

Calling from Soil – मिट्टी की पुकार

Posted on June 21, 2016 by RAHUL RAHI

बेहतर थी सुबह, चाँदनी रात यहाँ होती, सपना हो गई सब बातें, सूनी है रहती, तेरे गाँव की मिट्टी… चकाचौंध से दूर, शायद यही सारा क़सूर, रग – रग में शामिल, तू ने ना जाना उसको, छोड़ा ना क़ाबिल, रस्ता देख रही तेरे गाँव की मिट्टी… अनजाने वतन को कैसे गले लगा लिया, माँ के…

Read more

Contractor of Electricity – बिजली का व्यापारी

Posted on June 17, 2016 by RAHUL RAHI

हर हवा की आहट पर, लगता है, कोई गाड़ी आई है, वो गाड़ी मेरे यार की, रास्ते पर बैठे मैंने, कभी किसी का, इंतज़ार किया नहीं, पर आज कई घंटों से, धूप की निगरानी और, बादल की पनाह में, मैंने इंतज़ार किया उसका, वादा किया था कल उसने, सुबह भी किया था याद, साढ़े दस…

Read more

मन से जीत

Posted on June 8, 2016 by RAHUL RAHI

मंज़िलें बहुत हैं यारा, रास्ते भी कम नहीं, जीत जो तेरे मन है तो, हारने का ग़म नहीं । ना कभी उदासियाँ हो, हो ना माथे पर शिकन, ख़्वाब की उड़ान हो, हौसला तेरा गगन । मुश्किलों का साथ तो, हर पहर टकराएगा, साथ है उसके चमन, जो, ना कभी घबराएगा । हर सफलता ढूँढे…

Read more

Zara Dekh – ज़रा देख GAZHAL

Posted on June 1, 2016 by RAHUL RAHI

मिट्टी में ख़ुशबू अनेक, झाँक ज़रा और भीतर देख, माना धरती है एक माँ, फिर भी टुकड़े किए हैं देख, मार काट की जंग अनेक, लाल रंग की होली देख, चार रोज़ के राही सब, फिर भी तेरा मेरा देख, राम कटोरा दे लौटा, कब तक पकड़ा रखेगा देख, रूह सायनी रुके ना रानी, एक…

Read more

Is marriage required – क्या शादी ज़रूरी है ?

Posted on May 24, 2016 by RAHUL RAHI

Institution of Marriage अक्सर आपने लोगों को शादी करते – कराते हुए देखा होगा | मैं भी कई बार गया हूँ | आप भी गए होंगे, सभी जाते हैं | लेकिन कभी किसी ने ये क्यूँ नहीं सोचा कि आखिर लोग शादी करते क्यूँ हैं | शादी का मतलब होता क्या है, और सबसे अहम…

Read more

ROYAL BATH OF MOBILE PHONE – मोबाइल का शाही स्नान (कुम्भ मेला) – mobile cleaning service

Posted on May 23, 2016 by RAHUL RAHI

Mobile Phone cleaning, Mobile optimizer, mobile cleaning service ROYAL BATH OF MOBILE PHONE – शीर्षक देखकर आपको अटपटा ज़रूर लग रहा होगा, बिल्कुल वैसा ही जैसे कोई फ़िरंगी नागा बाबाओं की टोली में, भस्म व धुनी रमाए शामिल हो जाए और क्षिप्रा नदी में डुबकी लगाए । किसी के आश्चर्य का कोई ठिकाना ही न होगा,…

Read more

चार दिन

Posted on May 22, 2016 by RAHUL RAHI

चार दिन के चार हैं मौसम, बरखा और बेज़ार के मौसम, दौड़े ख़ुशियों की ख़ातिर और, हाथ है आया सबके ग़म । कोई कुछ तो ग़लत चला, फूल की जगह शूल खिला, जिया जो बरसों खटखट करते, जाते वक़्त क्या उसे मिला । राजा तन मन रानी एक, सबकी वही कहानी एक, राजा जो रानी…

Read more

Aese Udo – ऐसे उड़ो – best quotes sites

Posted on April 21, 2016 by RAHUL RAHI
Read more

परछाइयाँ – shadows – best quotes sites

Posted on April 21, 2016 by RAHUL RAHI
Read more

Uska Rang – उसका रंग – best quotes sites

Posted on April 20, 2016 by RAHUL RAHI
Read more

Posts pagination

  • Previous
  • 1
  • …
  • 3
  • 4
  • 5
  • 6
  • 7
  • 8
  • 9
  • …
  • 11
  • Next
© 2026 rahulrahi.in | Powered by Superbs Personal Blog theme