Skip to content

rahulrahi.in

मंज़िल नज़र भर है, राही सफ़र पर है।

Menu
  • Home
  • hindi poems
  • hindi articles
  • hindi stories
Menu

मन से जीत

Posted on June 8, 2016 by RAHUL RAHI
मंज़िलें बहुत हैं यारा,
रास्ते भी कम नहीं,
जीत जो तेरे मन है तो,
हारने का ग़म नहीं ।
ना कभी उदासियाँ हो,
हो ना माथे पर शिकन,
ख़्वाब की उड़ान हो,
हौसला तेरा गगन ।
मुश्किलों का साथ तो,
हर पहर टकराएगा,
साथ है उसके चमन, जो,
ना कभी घबराएगा ।
हर सफलता ढूँढे तुझको,
दर पे तेरे आएगी,
ख़ुशियों की बहारें तेरी,
आँखें भी भिगाएगी ।
जो गिरेगा, फिर उठेगा,
लाँघ दे समंदर सब,
ख़ुद से ऊपर ख़ुद ही उठ जा,
खींच लेगा तुझको रब ।
याद रख इतनी ख़बर बस,
रोए ना ये दिल कभी,
जीत जो तेरे मन है तो,
हारने का ग़म नहीं ।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 rahulrahi.in | Powered by Superbs Personal Blog theme